छत्तीसगढ़राजनीति

नेता प्रतिपक्ष Narayan Chandel – EXIT POLL मात्र आकलन है, जनता कांग्रेस और भूपेश सरकार के कुशासन की विदाई चाहती है

गिनती के घंटों के लिए कांग्रेसी खुशफहमी में जी लें, तीन दिसंबर को तो उनका सत्ता में लौटने का सपना चूर-चूर हो ही जाना है

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (Narayan Chandel) नारायण चंदेल ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश की जनता का आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को प्राप्त हो रहा है और प्रदेश में स्पष्ट बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। श्री चंदेल ने कहा कि जनता ने इस बार के चुनाव में बदलाव के लिए जनादेश दिया है और अब “सी-एम” (सी यानी कांग्रेस और एम यानी माओवाद) वालों सरकार से छत्तीसगढ़ को मुक्ति मिलेगी।

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प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 07 और 17 नवंबर को हुए मतदान के सर्वे की रिपोर्ट्स (एक्जिट पोल) विभिन्न एजेंसियों और चैनलों पर सार्वजनिक होने के बाद अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि यह जो सर्वे है, वह मात्र आकलन है। हमारा आकलन है और हमारा यह सुस्पष्ट मत है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस और भूपेश सरकार के कुशासन की विदाई चाहती है। जनता का आशीर्वाद, स्नेह और प्यार भाजपा को प्राप्त होगा और छत्तीसगढ़ में कमल खिलेगा।

पिछले विधानसभा चुनाव में वोट शेयर का जो 10 फीसदी का अंतर था, वह इस बार के चुनाव में कांग्रेस के कतई फायदेमंद साबित नहीं होगा और इसके चलते कांग्रेस भारी नुकसान उठा रही है। श्री चंदेल ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और भाजपा के घोषणा पत्र ‘मोदी की गारंटी’ ने भाजपा के प्रति जन-विश्वास को दृढ़तर किया है और पूरे प्रदेश में भाजपा के पक्ष में सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ। भाजपा की महतारी वंदन योजना को प्रदेश की मातृ-शक्ति का अच्छा प्रतिसाद मिला है।

प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री चंदेल ने कहा कि गंगाजल की सौगंध खाकर पूर्ण शराबबंदी के वादे से मुकर चुकी कांग्रेस को इसकी कीमत इस चुनाव में चुकानी पड़ रही है। एक ओर जहाँ नशाखोरी और अपराधों ने महिलाओं के सम्मान व स्वाभिमान को लहूलुहान किया, वहीं युवाओं में पीएससी में हुए घोटालों को लेकर जबर्दस्त आक्रोश था। कर्ज में डूबे सैकड़ों किसानों का कांग्रेस के कुशासन में आत्महत्या के लिए विवश होना कांग्रेस और भूपेश सरकार के किसान विरोधी राजनीतिक चरित्र का प्रमाण था, तो कर्मचारी विरोधी नीतियों से अधिकारियों-कर्मचारियों का कांग्रेस से पूरी तरह मोहभंग हो गया।

श्री चंदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तो अपने पूरे कार्यकाल में पद की गरिमा को ताक पर रखकर सारी संवैधानिक मर्यादाएँ लांघने की होड़ में लगे रहे। भ्रष्टाचार के चलते एक ओर जहाँ ‘सीएम’ यानी ‘कलेक्शन मास्टर’ कहा जाने लगा वहीं सीएम को चीफ ऑफ महादेव एप का तमगा मिला। गिनती के घंटों के लिए कांग्रेसी अपनी सरकार बनने की खुशफहमी में जी लें, तीन दिसंबर को तो उनका सत्ता में लौटने का सपना चूर-चूर हो ही जाना है।

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