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Goddess Lakshmi Temple : मां लक्ष्मी के इस मंदिर में दिवाली पर लगता है भक्तों का तांता, अलग-अलग रूपों में होते हैं माता के दर्शन, जुड़ी है कई धार्मिक मान्यता

आज दीपावली के दिन देवी महालक्ष्मीजी के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है

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(Goddess Lakshmi Temple)आज पूरे देश में हर्षाेल्लास के साथ दीपावली का पर्व मनाया जाएगा। आज के दिन धन, सुख,यश और वैभव की देवी महालक्ष्मीजी की हर घर और प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त में विशेष पूजा की जाएगी। दीपावली पर्व पर खरगोन जिला मुख्यालय खरगोन से करीब 17 किलोमीटर दूर ग्राम ऊन में स्थित 11वीं शताब्दी में निर्मित प्राचीन और ऐतिहासिक श्री महालक्ष्मी मंदिर में भी दूर-दूर से श्रद्धालु माताजी के दर्शन करने के साथ-साथ दीपक लगाने के लिए पहुंचेंगे।

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आज दीपावली के दिन देवी महालक्ष्मीजी के दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। इसीलिए हर साल की तरह इस साल भी ग्राम ऊन में स्थित प्राचीन देवी महालक्ष्मीजी के मंदिर में माताजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा।मान्यता है कि ऊन में स्थित देवीश्री महालक्ष्मीजी से सच्चे मन से मनोकामना मांगने वाले हर श्रद्धालु की मुराद पूरी होती है। देवी महालक्ष्मी मंदिर की एक खास विशेषता यह भी है कि देवी महालक्ष्मी अपने भक्तों को दिन के तीन प्रहरों में अलग-अलग रूपों में दर्शन देती है।

सुबह बाल्य अवस्था, दोपहर में युवा अवस्था और शाम को वृद्धावस्था में दर्शन देकर हर भक्तों की मनोकामना पूर्ण करती है। वहीं दो माह पूर्व ही माताजी ने करीब सौ साल बाद चोला छोड़ा था।जिसके बाद माताजी के छह हाथ के दर्शन हुए थे। माता महालक्ष्मी मां के बाएं तीन हाथों में चक्र,वरदान की मुद्रा और कलश है जबकि दाए हाथ में अंकुश,कमल और धन बरसाने की मुद्रा में दिखाई दी। माताजी की यह विशाल प्रतिमा एक पाषाण पर बनी हुई है। जबकि माताजी अपने आसन कमल पर विराजित है।

दीपावली पर्व पर महालक्ष्मी मंदिर में आकर्षक विद्युत सज्जा भी की गई है। दीपावली के दिन धन-धान्य की देवी महालक्ष्मी जी के दर्शन करने का विशेष महत्व है। ग्राम ऊन में स्थित देवी महालक्ष्मी जी का यह मंदिर द्वापर युग मे निर्मित हुआ था। माताजी अपने भक्तों को दिन में तीन रूपो में दर्शन देती है। आज दीपावली के दिन देवी महालक्ष्मी जी के दर्शन से यहां पहुंचने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामनाएं पूरी होती है। इसीलिए यहां आज के दिन दूर-दूर से श्रद्धालु माताजी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

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