छत्तीसगढ़

एनएमडीसी, बचेली में आयुर्वेद दिवस

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बचेली : आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश एवं मुख्‍यालय हैदराबाद के निर्देशानुसार एनएमडीसी लिमिटेड, बैलाडीला आयरन ओर माइन, बचेली काम्‍प्‍लेक्‍स में दिनांक 10-11-2023 को प्रशिक्षण संस्‍थान के सभागार में आयुर्वेद दिवस मनाया गया, जिसमें दन्‍तेवाड़ा से पधारे आयुर्वेदाचार्य जे पण्‍डा ने आयुर्वेद चिकित्‍सा पद्धति के लाभ के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि आयुर्वेद दिवस मनाने का मुख्‍य उद्देश्‍य गांव के अंतिम व्‍यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाना हैं।

आयुर्वेद चिकित्‍सा हमारे म‍हर्षियों की देन है। प्रकृति ने हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए कई अवसर प्रदान किये हैं। हमें अपने दिनचर्या में आहार, विचार आदि के प्रति जागरूक रहते हुए अपना जीवन यापन करना चाहिए । कोरोना काल में आयुर्वेद पद्धति से बने विभिन्न काढ़ा का उपयोग कर हम लोगों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया है फलस्वरूप आयुर्वेद पर जनमानस का अपार विश्वास बढ़ा है। पहले के लोग आयुर्वेद चिकित्‍सा अपनाने के कारण अधिक समय तक जीवन जीते थे। शरीर को प्रकृति के साथ जोड़ते हुए जीने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि श्री बी वेन्‍कटेश्‍वरलु, अधिशासी निदेशक ने अपने उद्बोधन में आयुर्वेद चिकित्‍सा पद्धति की सराहना की और कहा कि यह सबसे प्राचीन पद्धति है, यह हमारे जीवन का विज्ञान है। डॉक्‍टर बाद में आए, यह हमारी सभ्‍यता से जुड़ा हुआ है। प्रत्‍येक दिन इस आयुर्वेद चिकित्‍सा पद्धति का एक-एक नियम का पालन करने से हम कभी बीमार नहीं होंगे। साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगले वर्ष इस आयोजन को वृहद रुप में किया जाना चाहिए।

श्री धर्मेन्‍द्र आचार्य, महाप्रबंधक (कार्मिक) ने अपने उद्बोधन में कहा कि आयुर्वेद चिकित्‍सा बहुत ही प्राचीन समय से है। इसमें साइड इफेक्‍ट नहीं होता है। हमारा अच्‍छा स्‍वास्‍थ ही हमारा सबसे बड़ा धन है।

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