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राजधानी में पड़े सबसे कम वोट, जानें कितना मतदान हुआ, बघेल और मंत्रियों की सीट पर

छत्तीसगढ़ की 70 विधानसभा सीटों पर दूसरे चरण के लिए वोटिंग खत्म हो गई है। शाम पांच बजे तक राज्य में 68.15% मतदान दर्ज किया गया।

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रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। इस चरण में कुल 70 सीटों पर 68.15 प्रतिशत लोगों ने वोट डाले। इसके साथ ही राज्य में उतरे सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। अब 3 दिसंबर को पता चलेगा कि जनता ने किसके पक्ष में मतदान किया l

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शाम पांच बजे तक वोट डालने का समय निर्धारित था, लेकिन इसके बाद भी जो लोग मतदान केंद्र के परिसर में मौजूद रहे उन्हें वोट डालने दिया गया। इस तरह से दूसरे चरण के मतदान में शाम पांच बजे तक छत्तीसगढ़ में 68.15% मतदान दर्ज किया गया।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, शाम पांच बजे तक सबसे अधिक मतदान धमतरी जिले में हुआ, यहां 79.89% लोगों ने मतदान किया। सबसे कम मतदान रायपुर जिले में हुआ, यहां 58.83 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल सीट पाटन है जहां 75.54% वोटिंग हुई। यहां से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस की तरफ से मैदान में हैं। वहीं सीएम के खिलाफ भाजपा ने भूपेश के भतीजे विजय बघेल को टिकट दिया है। चाचा-भतीजे की सियासी जंग ने इस सीट को सबसे चर्चित सीट बना दिया है। 

उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की दावेदारी से अंबिकापुर सीट सुर्खियों में है। उपमुख्यमंत्री का चुनावी हलफनामा भी चर्चा का विषय रहा, जिसमें उन्होंने अपनी कुल 447 करोड़ रुपये की संपत्ति बताई है। अबकी बार टीएस ‘बाबा’ का मुकाबला भाजपा के राजेश अग्रवाल से है। इस सीट पर 65.05% लोगों ने वोट डाला है। 

सक्ती सीट से विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत चुनाव लड़ रहे हैं जहां 63.82% मतदान दर्ज किया गया है। कांग्रेस ने पहली ही सूची में विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत को सक्ती से फिर से टिकट दिया था। महंत के सामने भाजपा के खिलावन साहू हैं।गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू दुर्ग ग्रामीण से कांग्रेस के टिकट पर दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं भाजपा ने ललित चंद्राकर को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां 69% मतदान हुआ है।

इस चुनाव में राजधानी की चर्चित सीट रायपुर नगर दक्षिण में 52.11% वोटिंग दर्ज की गई है। इस सीट पर 1990 से लगातार सातवीं बार विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को आठवीं जीत से रोकने के लिए कांग्रेस ने दूधाधारी मठ के मठाधीश महंत रामसुंदर दास को मैदान में उतारा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी महंत रामसुंदर दास वर्तमान में गोसेवा आयोग के अध्यक्ष भी हैं।

डोंडी-लोहारा सीट पर 75.01% मतदान हुआ है जहां से कैबिनेट मंत्री अनिला भेंड़िया पर कांग्रेस ने दूसरी बार भरोसा जताया है। वहीं भाजपा ने देवलाल ठाकुर को इस सीट पर अपना उम्मीदवार बनाया है। 

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