छत्तीसगढ़

धान खरीदी केंद्रों पर सन्नाटा, नई सरकार बनने के बाद आ सकती है तेजी 

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रायपुर। प्रदेशभर में धान की खरीदी शुरू हो चुकी है। बावजूद इसके अभी भी धान खरीदी केंद्र सूने पड़े हैं। कहा जा रहा है कि लोग नई सरकार के आने के इंताजार में हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही धान खरीदी को लेकर घोषनाएं की हैं।

चुनावी वादों में धान खरीदी शामिल:
कांग्रेस ने 3,200 रुपये की दर से 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का वादा किया है, वहीं भाजपा ने 3,100 रुपये की दर से 21 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा की है। साथ ही इस बार बीजेपी ने दो साल का बोनस देने का भी वादा अपने घोषणा पत्र में किया है।

1 नवबंर से हो रही खरीदी:
बता दें कि राज्य में पिछले 1 नवंबर से धान खरीदी का शुभारंभ हो चुका है। इस बार सरकार ने 125 लाख टन धान खऱीदी का संभावित लक्ष्य रखा। प्रदेश के 25 लाख किसानों से सरकार धान खरीदेगी।

31 जनवरी 2024 तक होगी धान खरीदी:
इस धान खरीदी 31 जनवरी 2024 तक चलेगी। इसी तरह मक्का खरीदी भी 1 नवंबर 2023 से ही शुरू हो चुकी और ये 28 फरवरी 2024 तक चलेगी।

अब तक 5 प्रतिशत हुई खरीदी:
धान खरीदी के आकड़े पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि अभी तक सिर्फ पांच फीसदी ही धान खरीदी हुई है। प्रदेश में 1 एक से अधिक किसानों ने अभी तक 5 लाख टन से अधिक धान बेचीं है। सरकार ने धान बेचने वालो किसानों को 958.08 करोड़ रुपये राशि भी जारी कर दी है।

नई सरकार का इंतजार:
वहीं दूसरी लोग यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि वे अपनी धान 3 दिंसबर के वाद बेचेंगे क्योंकि सरकार किसी भी दल की बने धान खरीदी का वादा तो दोनों ही पार्टियों ने किया है। इससे ये तो तय कि किसानों को फायदा होगा।

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