छत्तीसगढ़

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के मतदाताओं और चुनाव कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति माना आभार कहा- मतदाताओं की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रशासन के समन्वित प्रयास से ऐतिहासिक मतदान संभव हुआ

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कांकेर:- विधानसभा निर्वाचन 2023 के प्रथम चरण में मंगलवार 07 नवम्बर को जिले में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। मतदान के उपरांत सभी 727 मतदान केन्द्रों में वोटिंग की प्रक्रिया सम्पन्न कराने के उपरांत ईव्हीएम स्ट्रांग रूम में जमा करा दी गई है। जिले के अंतागढ़, भानुप्रतापपुर और कांकेर विधानसभा क्षेत्र में पहली बार ऐतिहासिक 80.67 प्रतिशत मतदान होने पर जिले के मतदाताओं के प्रति कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आभार प्रकट किया है।

उन्होंने लोकतंत्र पर आस्था रखने वाले सभी मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि कांकेर जिले के इतिहास में पहली बार इतना अधिक मतदान हुआ है, जिसके लिए कोटिशः बधाई एवं शुभकामनाएं…। उन्होंने आगे कहा कि यह सब मतदाताओं के दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का ही सुखद और सकारात्मक परिणाम है, जिसकी जितनी सराहना की जाए, कम है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. शुक्ला ने आगे कहा कि दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों में भी 90 प्रतिशत से अधिक मतदान होना।

इस बात को और पुख्ता करता है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में सबने कदम से कदम मिलाकर साथ दिया। अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के सुदूर इलाके में बसे मतदान केन्द्र गोविंदपुर, विद्यानगर, कमलपुर-06, भानुप्रतापपुर वि.स. क्षेत्र के नरसिंहपुर, डोंगरगांव, भनपुरी और कांकेर विधानसभा क्षेत्र के महेशपुर, खमढोड़गी, नवागांव-भावगीर सहित सभी नए मतदान केन्द्रों में काफी संख्या में वोटिंग हुई, जिसके लिए वहां के सभी मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया है।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि जिले में मतदान का प्रतिशत बढ़े, इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान (स्वीप) चलाया। इसके तहत जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही आदर्श मतदान, संगवारी बूथ स्थापित करने के अलावा जिले में नवाचार करते हुए रैनबो पोलिंग बूथ, बिटिया हेल्प डेस्क, सेल्फी कॉर्नर (हम साथ-साथ हैं, फर्स्ट टाइम वोटर), दिव्यांग बूथ, ईको फ्रेण्डली, शतायु वोटर वृ़क्ष आदि कार्य किए गए, जिसके अनुकूल व सकारात्मक परिणाम सभी के समक्ष हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिले के मतदाताओं को खुद के या समीप के गांव में वोट करने सुविधा मिल सके, इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति से 32 नए मतदान केन्द्र खोले गए। इन केन्द्रों में भी औसतन 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। इसी तरह 02 अगस्त से शुरू हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में जिले में 33 हजार 683 नए मतदाताओं के नाम जुड़े, इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने घर-घर जाकर नाम जोड़ने का काम किया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्वाचन कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि मतदान का प्रतिशत बढ़ने में भी बीएलओ की भूमिका सर्वाधिक प्रशंसनीय रही, क्योंकि मतदाताओं को जागरूक करने मैदानी स्तर पर अथक् प्रयास किया। इसी तरह निर्वाचन कार्य में प्रत्यक्ष रूप से जुड़े मतदान अधिकारियों, सुरक्षा की कमान संभालने वाले पुलिस एवं सेंट्रल फोर्स के जवानों के प्रति भी उन्होंने आभार व्यक्त किया है। कोटवार, वनरक्षक सहित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचन संबंधी दायित्वों का निर्वहन करने वालों के प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी ने आभार प्रकट किया है।

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